
एकाग्र और शिवम दोनों रूम के बाहर खड़े थे। रूम में इकनूर थी और उसने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था। एकाग्र की जान उसके गले तक आ चुकी थी और वो तेजी से दरवाजा ठोकते हुए बोला, "नूर दरवाजा खोलो बेबी... "
एकाग्र के साथ साथ खुद शिवम भी दरवाजा ठोक रहा था पर उसका कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि इकनूर ने दरवाजा नहीं खोला। नीचे से सभी सर्वेंट्स देख रहे थे। सब परेशान थे पर लता के होंठों पर उसकी इन्विजिबल स्माइल थी और उसे अंदर से काफी सुकून मिल रहा था।












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