
गाड़ी में चांद पीछे बैठी हुई थी और अन्वी - कियारा की नज़रे उसपर ही टिकी हुई थी। वो दोनों काफी परेशान लग रही थी। कियारा अपनी कंसर्न भरी टोन में चांद से बोली, "हम तब से आपको आवाज़ लगा रहे हैं बेटा। कहां खो गए थे आप जो आपको हमारी आवाज़ भी सुनाई नहीं दी?"
उसके इस सवाल पर चांद अपनी गर्दन हिलाकर अपनी गिल्टी टोन में बोली, "आई एम सो सॉरी मामी मुझे सच में पता नहीं चला।" इस बार अन्वी वही से चांद का छोटा सा हाथ पकड़ते हुए बोली, "कोई बात नहीं बच्चु पर आप इतने डीपली सोच क्या रहे थे? कुछ बहुत स्पेशल?"












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