
वाणी गार्डन में आयी, जहां तारा एक बेंच पर बैठी हुई थी। उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। वाणी उसके पास आयी और उसके कंधे पर अपना हाथ रखकर अपनी बेहद ही सॉफ्ट टोन में बोली, "तारा... "
वाणी के पीछे वहां पर कार्तिक, निहार और निर्वान भी आये। वाणी की आवाज़ सुनते ही तारा ने उसकी तरफ देखा। उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे और वो रो रही थी। अपनी बेटी को यू रोते हुए देखकर निहार का दिल टूटने लगा।












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