
विहान चांद को रूम में लेकर आया और उसके पीछे - पीछे अन्वी खुद भी वहां आयी। विहान ने चांद को बेड पर तो सुलाया पर चांद उसे छोड़ने को तैयार ही नहीं थी और इसी वजह से अब विहान खुद भी उसे अपनी बाहों में लेकर बेड पर लेट गया।
अन्वी भी वहां दूसरी तरफ बैठी हुई थी और चांद के बालों में अपनी उंगलियां चला रही थी। विहान ने एक नज़र चांद पर डाली जो उसके सीने से किसी गम की तरह चिपकी हुई थी।












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