
चांद कनिष्क की गोद में बैठी हुई थी और अन्वी भी वहां पर बैठी थी। मिताली उन लोगों को देखकर अपने मुंह बना रही थी। तभी विहान वहां आया और उसके हाथ में पेनकिलर थी। विहान ने वहां डाइनिंग टेबल पर रखा हुआ पानी का ग्लास लिया और उसे लेकर वो कनिष्क की तरफ आया, जिसकी गोद में चांद थी।
विहान चांद की तरफ देखकर अपनी सॉफ्ट टोन में बोला, "चंदा ये लीजिये बेटा.. ये पेनकिलर खा लीजिये... " विहान की ये बात सुनते ही चांद का मुंह बन गया और वो झट से अपना सिर ना में हिलाते हुए बोली, "यकी। मुझे ये नहीं चाहिए पापा... "












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