
वो दोनों अभी भी दिल्ली की उस सुनसान सड़क पर थे और बारिश वक्त के साथ और भी तेज हो रही थी। एकाग्र और इकनूर के नंगे बदन पर से पानी टपक रहा था।
एकाग्र का Dick पूरी तरह से सख्त हो चुका था और उसका सिरा लाल पड़ रहा था। इकनूर गाड़ी की बोनेट पर लेटी हुई थी और उसके दोनों पैर एकाग्र की कमर के इर्द - गिर्द लिपटे हुए थे।












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