
गर्व अपने तेज कदमों से सीढ़ियों से होते हुए सीधे कृशल - सिया के रूम की तरफ बढ़ा। जैसे ही वो अंदर आया, शैल्य की नज़र उसपर पड़ी और वो उसे अपनी गुस्से भरी लाल आंखों से घूरने लगा।
शैल्य ने सिया को हग किया था, वही व्याप्ति राध्या का हाथ पकड़े वहां बैठी हुई थी। जब उसकी खुदकी नज़र उसके गर्व भैय्या पर पड़ी उसके चेहरे के हावभाव भी बदल कर एकदम ठंडे हो गए।












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