
वो चारों अभी भी हॉस्पिटल की लॉबी में खड़े थे, जहां सीरिया बहस कर रही थी। वंश ने गुस्से में अपनी नोज ब्रिज पकड़ते हुए अपनी गहरी सांस भरी, क्योंकि सीरिया की वजह से सच में उसका दिमाग खराब हो रहा था।
वो भले ही डॉक्टर क्यों ना हो लेकिन उसके अंदर सब्र सिर्फ एक हद तक ही था और सीरिया उस हद को कब का पार कर चुकी थी।












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