
कृशल ने शैल्य की तरफ देखा और उसे ऑर्डर देते हुए बोला, "शैल्य तु वहां जा और उस कमीने से पैसें वसूल कर आ, क्योंकि मुझे अपना एक भी पैसा उसपर खर्च नहीं करना और वैसे भी मेरी कमाई पर मेरी बीवी और बच्चों का हक हैं बाहर वालों का नहीं।"
शैल्य अपनी गर्दन हिलाकर अपनी प्लेन और गंभीर आवाज़ में बोला, "ठीक हैं पापा। मैं जाकर देखता हुं की उसकी ऐसी कौन सी मजबूरी हैं जो उसके पास से हमारा पैसा नहीं निकल रहा।"










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