
व्यांश ने फर्श पर बिखरे फोन के टुकड़ों से अपने पैर हटाए और अपनी जेब से एक सिल्क का रुमाल निकालकर अपने हाथ साफ करने लगा, जैसे उन फोन्स को छूने से उसके हाथ गंदे हो गए हों।
उसकी चाल में इस वक्त एक अजीब सा ठहराव था, जो किसी बड़े तूफान के आने से ठीक पहले महसूस होता हैं।










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