
वैसे पूरे 35 घंटे हो चुके थे और एकाग्र गुरुद्वारे से सीधे हॉस्पिटल ही गया था। राज वहां सिर्फ तब तक रुका जब तक एकाग्र वापस नहीं आया और फिर वो घर चले गया।
तब से लेकर अब तक ना तो एकाग्र को राज का कॉल आया और नाही वो दोबारा हॉस्पिटल आया। एकाग्र को भी राज की तरफ से इसकी उम्मीद नहीं थी और अभी उसका पुरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ इकनूर पर ही था।










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