
उन सबका डिनर हो चुका था और सब अपने अपने रूम में जा रहे थे। तभी सिया ने अग्नि और शरण्या को रोक लिया।
कृशल एक फोन कॉल अटेंड करने के लिए थोड़ा बाहर आया था, जिस वजह से उसे कुछ भी पता नहीं था। सिया उन दोनों की तरफ देखते हुए बोली, "मम्मा - पापा क्या आप आज के लिए अपने नाती को अपने साथ सुलाओगे?"








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