
अगला दिन
सिया एकांश के रूम की तरफ आयी और वो दरवाजा खोलने ही वाली थी की तभी उसके कानों में एकांश की आवाज़ पड़ी, "लेकिन भाई ये बात आज नहीं तो कल सियु के आगे आयेगी ही ना? मैं खुद नहीं जानता की बुआ और फूफा सा सियु से इतनी बड़ी बात क्यों छिपा रहे हैं?"


अगला दिन
सिया एकांश के रूम की तरफ आयी और वो दरवाजा खोलने ही वाली थी की तभी उसके कानों में एकांश की आवाज़ पड़ी, "लेकिन भाई ये बात आज नहीं तो कल सियु के आगे आयेगी ही ना? मैं खुद नहीं जानता की बुआ और फूफा सा सियु से इतनी बड़ी बात क्यों छिपा रहे हैं?"

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