
अग्नि अपनी जगह पर से उठकर सिया की तरफ आया, जो बस उसे ही देख रही थी। अग्नि सिया के गालों को पकड़ कर उसके माथे को चूमते हुए बोला, "बाबू आप रेस्ट करो मैं अभी आता हुं।"
सिया ने कंफ्यूज होते हुए पूछा, "कहां जा रहे हो आप?" अग्नि सिया की आंखों में देखकर बोला, "एक जरूरी काम पुरा करने।"








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