
रुद्र की बात सुनकर अर्थ लड़खड़ा गया लेकिन विक्रम ने उसे संभाल लिया। अर्थ रुद्र की तरफ देखकर अपना सिर ना में हिलाते हुए बोला, "र.. रुद्र भाई आप झूठ बोल रहे हो। मेरी चांद को ऐसे... नहीं... "
इस बार आराध्या अर्थ का हाथ पकड़ कर रोते हुए बोली, "ये सच हैं भाई। अभी अंदर उसका ऑपरेशन चल रहा हैं।"







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