
अग्नि और साथ ही सभी स्टूडेंट्स ने दरवाजे पर एक आदमी को खड़ा देखा। संजना उसे हग करके रो रही थी, जिससे अग्नि को ये समझने में देर नहीं लगी की वो संजना का डैड होगा।
वही जब उसने अग्नि को वहां देखा उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी, "अग्नि सिंह राठौड़... " अग्नि बहुत ध्यान से उस आदमी को देखने लगा, तभी उसके दिमाग में कुछ खटका।







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