
मिराया ने एक नज़र मल्होत्रा फैमिली पर डाली और वो अपनी प्लेन आवाज़ में उनसे बोली, "मैं यहां से अपने साथ कुछ भी नहीं लेकर जा रही। सिर्फ एक चीज... वो नाम जो उन्होंने मुझे दिया लेकिन उसके अलावा मेरे साथ कुछ भी नहीं होगा.. माणिक मल्होत्रा का नाम भी नहीं। अब से मैं सिर्फ मिराया हुं, जिसके पास पैरेंट्स के नाम पर कोई भी नहीं हैं। म.. मैं एक अनाथ हुं और वही बनकर मरुंगी।"
उसकी बातें सुनकर उन सभी की आंखों से उनके आंसू बहने लगे और वो तेजी से उनका सिर ना में हिलाते रहे।









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